
मनरेगा को लेकर जांच होगी या ग्राम मोहिउद्दीनपुर मे मनरेगा भ्रष्टाचार का दूसरा नाम होगा
गाजीपुर.. जनपद के कासिमाबाद ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा मोहिउद्दीनपुर मे मानिक राज के खेत से भदशाह सरहद तक चकबंद कार्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत चल रहे कार्यों में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। मनरेगा मजदूरों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सामने आए इस मामले में यह आरोप लगाया जा रहा है कि कई जॉब कार्ड धारकों के नाम पर पैसा जारी किया जा रहा है स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि मनरेगा कार्य ट्रैक्टर और जेसीबी से कराया गया है और मजदूरों के नाम का केवल उपयोग किया जाता है, जबकि असल में कार्य कोई और करता है। वहीं मनरेगा मजदूरों का अटेंडेंस लगभग 80 लोगों का लग रहा है|वहीं जब इस विषय में मनरेगा विभाग के संबंधित अधिकारियों से बात की गई, तो उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है ग्रामीणों की माने तो यह भ्रष्टाचार लंबे समय से चला आ रहा है, लेकिन अब लोगों में जागरूकता बढ़ने के चलते इसका खुलासा हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस भ्रष्टाचार में साकारी कर्मचारियों की भी मिलीभगत रहती है ,जब ग्रामीणों से पूछा गया कि आप इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक नहीं करते हैं, तो उन्होंने बताया कि सारे अधिकारी मिले हुए हैं क्षेत्र पंचायत के ऊपर कार्रवाई न करके क्षेत्र पंचायत से पैसे लेकर अपना जेब भरते हैं।
मोहिउद्दीनपुर क्षेत्र पंचायत पर नरेगा को लेकर जांच होगी या नरेगा भ्रष्टाचार का दूसरा नाम होगा। अगर समय रहते जांच नहीं हुई, तो यह फर्जीवाड़ा न केवल सरकारी धन की बर्बादी का उदाहरण बनेगा, बल्कि ग्रामीणों के अधिकारों का हनन भी सिद्ध होगा।







